यदि आप भी मेड इन इंडिया स्मार्टफोन को खरीदकर यह सोच रहे हैं कि हमने अपने भारत में निर्मित स्मार्ट फोन को खरीद लिया है तो, शायद आप पूरी तरह से सही नहीं है। क्योंकि आज मैं आपको कुछ ऐसे सच्चाईयां बताऊंगा मेड इन इंडिया स्मार्टफोन के बारे में जिन्हें सुनने के बाद जानने के बाद आपको असली हकीकत का पता चलेगा।
आज लगभग 90 प्रतिशत से भी ज्यादा आबादी सिंपल या स्मार्टफोन का प्रयोग करती है। आज लगभग हर घर में स्मार्टफोन देखने को मिलता है। लेकिन ऐसे में हम सभी लोग यह चाहते हैं कि हमें हमारे भारत में निर्मित स्मार्टफोन मिले। इससे हमें सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे भारत की टेक्नोलॉजी बहुत तेजी से प्रगति करेगी और हम भी टेक्नोलॉजी के मामले में बहुत तेजी से आगे बढ़ पाएंगे। परंतु ऐसा कुछ कारणों से संभव नहीं हो पा रहा है
चलिए इसे विस्तार से जानते हैं। जैसा कि हम सभी लोग जानते हैं कि कई सारे स्मार्टफोन हमारे इंडिया में बनते हैं, जैसे Lava, सेलकॉन, स्मार्टट्रन, Micromax इत्यादि। परंतु आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि इन सभी में जो पार्ट्स प्रयोग किए जाते हैं, वह असल में चीन और अन्य देशों से बनकर आते हैं।
यदि आप आज किसी भी स्मार्टफोन प्रयोग कर रहे हैं तो, उसमें जो प्रोसेसर लगा है वह चीन में निर्मित है। क्योंकि चीन एक ऐसा देश है जो सस्ते और अच्छे प्रोसेसर बनाता है। कुछ अन्य देश में भी प्रोसेसर बनते हैं। लेकिन सबसे ज्यादा प्रोसेसर चीन ही बनता हैं। इसलिए भारत भी चीन से ही प्रोसेसर का निर्यात करता है और जो हमारे स्मार्टफोन का मदरबोर्ड होता है, जिसे हम सर्किट बोर्ड कहते हैं, वह भी चीन में ही बनता है और पूरी तरह से सारे पार्ट वहीं पर इसमें लगते हैं।
बस भारत में इन सभी पार्ट्स को असेंबल किया जाता है और मेड इन इंडिया की मोहर लगाकर भारत में बेच दिया जाता है। लेकिन सही तौर पर यह मेड इन इंडिया स्मार्टफोन नहीं होते हैं। यह असेंबली इन इंडिया स्मार्टफोन होते हैं। आशा है आपको मेड इन इंडिया फोन के बारे में पूरी जानकारी मिल चुकी होगी।

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